Headlines
Loading...
नई दिल्ली : जयेशभाई जोरदार फिल्म में इस सीन को लेकर गैर सरकारी संगठन को हुई आपत्ति से हाई कोर्ट में दाखिल किया याचिका।

नई दिल्ली : जयेशभाई जोरदार फिल्म में इस सीन को लेकर गैर सरकारी संगठन को हुई आपत्ति से हाई कोर्ट में दाखिल किया याचिका।

                         Sumit Malviya City Reporter

नई दिल्ली। 13 मई को रिलीज होने जा रही जयेशभाई जोरदार फिल्म के ट्रेलर में प्रसवपूर्व लिंग-निर्धारण दृश्य के चित्रण के खिलाफ गैर सरकारी संगठन यूथ अगेंस्ट क्राइम ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इस फिल्म में अभिनेता रणवीर सिंह मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। 

वहीं अधिवक्ता पवन प्रकाश पाठक द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि वैसे तो फिल्म कन्या भ्रूण हत्या विषय पर आधारित है, लेकिन इसका ट्रेलर लिंग चयन के लिए अल्ट्रासाउंड तकनीक के उपयोग को विज्ञापित करता है जो गर्भधारण और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम-1994 के तहत पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

वहीं दूसरी तरफ़ याचिका में कहा गया है कि अल्ट्रासाउंड क्लिनिक दृश्य जहां बिना सेंसर के लिंग चयन के लिए अल्ट्रासाउंड की तकनीक का खुले तौर पर विज्ञापन किया जा रहा है, जबकि अधिनियम की विभिन्न धारा के तहत इसकी अनुमति नहीं है। अधिनियम की धारा तीन-ए लिंग-चयन को प्रतिबंधित करती है।

वहीं धारा-22 विशेष रूप से लिंग के प्रसव पूर्व निर्धारण और उल्लंघन के लिए सजा से संबंधित विज्ञापनों को प्रतिबंधित करती है। एनजीओ ने उक्त दृश्य को सेंसर करने या हटाने के संबंध में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को निर्देश देने की मांग की है।