Headlines
Loading...
यूपी : वाराणसी में तापमान बढ़ने से वातावारण में बढ़ी प्रदूषण की मात्रा, वहीं बढ़ती भीड़ से धूल उड़ने के कारण हों रहीं दिक्‍कत।

यूपी : वाराणसी में तापमान बढ़ने से वातावारण में बढ़ी प्रदूषण की मात्रा, वहीं बढ़ती भीड़ से धूल उड़ने के कारण हों रहीं दिक्‍कत।

                          Vinit Jaishwal City Reporter

वाराणसी। मौसम में आई तब्दीली ने बनारस की हवा भी प्रदूषित कर दी है। अप्रत्याशित रूप से बढ़े तापमान के कारण हो रही प्रचंड धूप से जहां वातावरण की नमी खो गई है, वहीं वातावरण में बढी धूल ने हवा को इस कदर दूषित कर दिया है कि वह अब सांस रोगियों के लिए फांस बनने लगी है। 

वहीं मार्च महीने में देखें तो 15 मार्च तक ही मौसम का तापमान 36 डिग्री सेंटीग्रेड पहुंच गया था और अब इसे पार करते हुए 39 डिग्री सेंटीग्रेट के पास जाने को आतुर दिखा। ऐसे में हवा जहां शुष्क हो चली है, वहीं मौसम में धूल के कण काफी बढ़ गए हैं।

वहीं इधर, त्योहार के बाद बड़ी भीड़ ने भी इसमें इजाफा ही किया है। नतीजा, यहां औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 100 से ऊपर जा पहुंचा है और अभी गंभीर श्रेणी में आ पहुंचा है। मार्च माह की शुरुआत से ही वायु गुणवत्ता सूचकांक के उतार-चढ़ाव को देखें तो बढ़ते और घटते फुटप्रिंट तथा वाहनों की भीड़ तथा विरलता के साथ यह चढ़ता उतरता रहा। 

वहीं शुरुआती हफ्तों में चुनावी दौर में जहां यह 125 के आसपास बना रहा, वही 5 मार्च के बाद चुनाव प्रचार बंद होते ही 100 से नीचे संतोषजनक श्रेणी में आ गया। इसके बाद चुनाव परिणाम की घोषणा होते ही निकले विजय जुलूसों ने गर्दिश बढ़ा दी और वायु गुणवत्ता सूचकांक फिर 125 से 140 के बीच जा पहुंचा। इसके बाद होली त्योहार के अवकाश में दो दिनों में तक वायु गुणवत्ता सूचकांक 100 से नीचे आ गया और हवा संतोषजनक श्रेणी में जा पहुंची लेकिन रविवार को स्थिति सामान्य होते ही यह पुन: 125 के आसपास पहुंच गया।

वहीं क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी कालिका सिंह बताते हैं कि ऐसे मौसम में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक का 100 से 125 के बीच बने रहना यह दर्शाता है कि जनपद में विकास कार्यों के पूर्ण होने से तथा अधिकांश वाहनों के सीएनजी होते जाने से यह नियंत्रण में है। वरना पिछले वर्षों में इन दिनों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के पार पहुंच जाता था। वह कहते हैं कि आने वाले दिनों में और भी ज्यों-ज्यों परियोजनाएं पूरी होती जाएंगी बनारस की आबोहवा में सुधार होता जाएगा।