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यूपी : कानपुर के भोगनीपुर में स्वास्थ्य उपकेंद्र पर इंसानों की जगह होता पशुओं का उपचार।

यूपी : कानपुर के भोगनीपुर में स्वास्थ्य उपकेंद्र पर इंसानों की जगह होता पशुओं का उपचार।


कानपुर। भोगनीपुर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही व उदासीनता के चलते मलासा ब्लाक के गौरीकरन गांव में बने स्वास्थ्य उपकेंद्र में पशुओं का इलाज चल रहा। यहां कभी ग्रामीणों का इलाज व टीकाकरण का काम होता था, लेकिन स्टाफ की तैनाती न होने से भवन सूना हो गया। इसके बाद यहां पर पशु चिकित्सकों ने मवेशियों का इलाज शुरू कर दिया।

वहीं मुंगीसापुर-शाहजहांपुर मार्ग के किनारे ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं को देने के लिए करीब 20 वर्ष पूर्व उपकेंद्र बना हुआ था। इस भवन में दो कमरे, एक शौचालय व एक स्नानागार बनवाया गया था। भवन निर्माण के बाद कुछ वर्षों तक यहां गर्भवती व शिशुओं काटीकाकरण किया गया। एएनएम केंद्र में बैठकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां देती रहीं। 

वहीं ग्राम प्रधान चंद्रशेखर द्विवेदी, गांव के ही प्रभात कुमार, विनोद कुशवाहा, पिंकू आदि ने बताया कि गांव में तैनात एएनएम अरुणाकुमार दो वर्ष पूर्व रिटायर्ड हो गई थीं तब से गांव में किसी एएनएम की तैनाती नहीं की गई है। इसके बाद पशुपालन विभाग के कर्मचारियों ने भवन में अपना ठिकाना बना लिया और पशुओं का उपचार करना शुरू कर दिया है। अब बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण प्राथमिक विद्यालय में किया जा रहा है।

वहीं इसलिए खाली पड़े उपकेंद्र का उपयोग पशुपालन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी कर रहे हैं। पशुधन प्रसार अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि उपकेंद्र भवन खाली पड़ा रहने के कारण उन्होंने इस भवन में पशुओं का उपचार करना शुरू कर दिया है। उपकेंद्र के सामने पशुओं का टीकाकरण होता है। 

वहीं सीएचसी देवीपुर के अधीक्षक डा. विकास कुमार ने बताया कि गौरीकरन गांव में उपकेंद्र पर पशुपालन विभाग का कब्जा होने की जानकारी नहीं है। शीघ्र ही जानकारी कर उपकेंद्र भवन को खाली कराकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।