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देश भर में रेल मार्गो के आसपास अब आम जनता के आवागमन होंगे आसान , सेतु बंधन योजना के तहत बनेगा रेलवे पुल

देश भर में रेल मार्गो के आसपास अब आम जनता के आवागमन होंगे आसान , सेतु बंधन योजना के तहत बनेगा रेलवे पुल



नई दिल्ली । देश में रेल मार्गो के आसपास आम जनता के आवागमन को आसान बनाने वाले भूमिगत पार (आरयूबी) और उपरगामी सेतु (आरओबी) का निर्माण कार्य सेतु बंधन योजना के तहत होगा। योजना को लागू करने के केंद्र सरकार के सड़क और परिवहन मंत्रालय ने सभी राज्यों को दिशा निर्देश जारी किए है।



अब संबंधित राज्य एजंसियों के साथ समझौता (त्रिपक्षीय) करेंगे और समझौते से सभी राज्यों में इन निर्माणों के रास्ते खुलेंगे।

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से जल्द शुरू होने वाली ऐसी सभी परियोजनाओं की रिपोर्ट संंबंधित एजंसियों से मांगी है। केंद्र सरकार ने देशभर के राजमार्ग व अन्य मार्गो को सुरक्षित बनाने के लिए इस दिशा में पहल की है। इसके तहत सरकारी एजंसियां ऐसे रेल मार्गाे से गुजरने वाले मार्गो पर भूमिगत पथपार व अंडरपास तैयार करती है ताकि इन मार्गो पर होने वाले हादसों में कमी लाई जा सके।

इस योजना के तहत अब तक राज्य सरकार व केंद्र शासित राज्यों के लिए अब तक 35 परियोजनाओं का मसविदा तैयार किया गया है। अब संबंधित राज्य स्थानीय स्तर पर करार कर इन परियोजनाओं पर काम शुरू कर सकेंगे। प्रारूप के आधार पर केंद्र सरकार राशि का प्रावधान करती है। इन 35 प्रस्तावों में से कुल 7227.74 रुपए की योजनाएं प्रस्तावित है, जिसके लिए 4337.77 करोड़ रुपए (वर्ष 2022 23 ) के लिए प्रावधान है। स्वीकार किए गए प्रस्तावों में केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली, जम्मू कश्मीर, अंडमान निकोबार, चंडीगढ़, लद्दाख और पुंडुचेरी शामिल है। राज्यों के लिए वर्ष 2022 23 में 287.57 करोड़ के मसविदे के लिए 173 करोड़ प्रावधान है।



राज्यों की तरफ से आने वाले मसविदों में से करीब 60 फीसद धनराशि मंत्रालय से उपलब्ध कराई जाती है जबकि बाकि राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है। राज्यों को अपने क्षेत्र के लिए तय मानकों के मुताबिक रेलवे ब्रिज तैयार करने में कोई तकनीकी परेशानी नहीं आए। इसके लिए रेल मंत्रालय की तरफ से तैयार की गई मानक रिपोर्ट भी जारी की गई है।

इस रिपोर्ट प्रति को सड़क और परिवहन मंत्रालय ने संबंधित अधिकारियों को भेजा है ताकि इसके मानकों के हिसाब से ही डिजाइन या निर्माण की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा सके। रेल मंत्रालय ने बीएस 132 मानक के तहत यह निर्माण प्रक्रिया तैयार की है ताकि इसका प्रयोग कर निर्माण प्रक्रिया में लगने वाले समय की बचत की जा सके। हाल ही में मंत्रालय ने ये मानक जारी किए हैं।