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केजरीवाल को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, PIL को किया खारिज, शराब घोटाले में भी CM को अंतरिम राहत?

केजरीवाल को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, PIL को किया खारिज, शराब घोटाले में भी CM को अंतरिम राहत?

दिल्ली शराब घोटाला मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ईडी अरेस्ट को चुनौती देने वाले फैसले पर आज शाम तक दिल्ली हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। बता दें, आम आदमी पार्टी के प्रमुख केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। सीएम केजरीवाल को अंतरिम राहत देने की मांग वाली याचिका पर हाईकोर्ट का आदेश 4.30 से 4.45 के बीच अपलोड हो गया।

बता दे, सीएम केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने उन्हें 28 मार्च तक 6 दिनों की रिमांड पर ईडी कस्टडी में भेजा था। वहीं आज कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीएम केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सीएम की गिरफ्तारी को संविधान पर हमला बताते हुए कहा, "यह एक अजीब स्थिति है कि एक मौजूदा सीएम को अक्टूबर में जारी समन पर धारा 50 के तहत बिना किसी बयान के और बिना किसी जांच के गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी का उद्देश्य बहुत अलग है। इसका मकसद चुनाव को प्रभावित करने के लिए करना है।" 

ईडी के पास नहीं हैं पुख्ता सबूत: सीएम केजरीवाल के वकील

सिंघवी ने कहा कि ED के मामलो में जमानत मिलना मुश्किल है। इसलिए PMLA के तहत गिरफ्तारी का आधार बहुत पुख्ता बनाया गया है। PMLA के सेक्शन 19 के तहत गिरफ्तारी के लिए जरूरी शर्ते है, जिनके बाद ही गिरफ्तारी हो सकती है। उन पर ये केस खरा नहीं उतरता। कोई पुख्ता सबूत मेरे खिलाफ ED के पास नहीं है। यह कहना कि केजरीवाल कोई बयान नहीं दे रहे हैं और इसलिए मैं आपको गिरफ्तार कर रहा हूं, ये प्रक्रिया पूरे कानून को उलट-पुलट कर देगी।

केजरीवाल की गिरफ्तारी पर सवाल 

सिंघवी ने कहा कि मैने पहले भी कहा था कि वीडियोकॉन्फ्रेसिंग से पूछताछ कर सकते है लेकिन नहीं किया। अब गिरफ्तार करने के बाद कहते हैं कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते है, जबकि इस मामले में गिरफ्तारी की जरूरत ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि हिरासत में पूछताछ का आधार असहयोग करने पर आधारित है। ईडी का कहना है किकेजरीवाल से उनकी भूमिका के संबंध में पूछताछ की जानी चाहिए। मैं कहता हूं कि अगर आप चुनाव से दो महीने पहले मेरी भूमिका के लिए मेरी जांच करना चाहते हैं तो क्या यह सीधे तौर पर गिरफ्तारी की जरूरत थी?

सरकारी गवाह बने लोगों के बयान पर सवाल

सीएम केजरीवाल की ओर से सिंघवी ने सरकारी गवाह बने लोगों के बयान की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किया। सिंघवी ने कहा कि इस केस में आरोपी सरकारी गवाह बनने के लिए तैयार हो जाता है। ED इस मनमाफिक बयान की एवज में उसकी जमानत अर्जी का विरोध नहीं करती है, ताकि उसे जमानत मिल सके। गिरफ्तारी कर ED ने क्या हासिल किया!

कोर्ट में अरविंद केजरीवाल की तरफ से एक और वकील अमित देसाई ने दलीलें पेश करने की कोशिश, जिसपर ईडी के वकील ASG एसवी राजू ने आपत्ति जताते हुए कहा कि ईडी भी चाहेगा कि उसकी तरफ से 5 वकीलों को सुना जाए। मैं चाहता हूं लेबल प्लेईंग फील्ड यहां भी समान हो। ASG राजू ने कहा कि "इनके अंतरिम राहत की मांग पर भी मुझे जवाब दाखिल करने का अधिकार है..अगर मैं जवाब दाखिल करने का हकदार नहीं हूं तो मुझे सुनने की कोई जरूरत नहीं है। मुझे जवाब दाखिल करने के मेरे अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।"

कोर्ट में मुख्यमंत्री केजरीवाल की ओर से दलील रखने के दौरान उनके वकील शादान फरासत ने कहा कि हमने शनिवार को याचिका दायर की। हमने आपत्तियों को दूर किया और फिर ईडी के साथ याचिका साझा की। हमने उन्हें नोटिस भेजा और उनके पास पर्याप्त समय था। इस मामले में देरी से हमें बहुत नुकसान होगा। दरअसल, ईडी ने याचिका पर जवाब देने के लिए कोर्ट से वक्त मांगा, जिसके बाद सीएम केजरीवाल के वकील की ओर से ये दलील दी गई।