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हरदोई का प्राचीन काली देवी मंदिर, मन्नत पूरी होने पर मां को 'जीभ' भेंट करते हैं भक्त

हरदोई का प्राचीन काली देवी मंदिर, मन्नत पूरी होने पर मां को 'जीभ' भेंट करते हैं भक्त




एजेंसी डेस्क
उत्तर प्रदेश का हरदोई जिला मां काली के जीवंत चमत्कारों से चर्चा में रहता है. 

शहर के सीतापुर रोड पर स्थित मां काली मंदिर की महिमा निराली है.इस मंदिर में प्रातः काल से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो जाता है. नंगे पांव हाथ में पूजा की थाली लिए भक्तजन मंदिर की तरफ जाते हुए सुबह से ही दिखाई देने लगते हैं. 

इस मंदिर की खासियत उस समय और बढ़ जाती है, जब मंदिर में मन्नत पूरी होने पर भक्तजनों ने अपनी जुबान तक मां के चरणों में अर्पित कर दी थी और वह भक्त आज भी जीवित हैं.

वहीं एक भक्त ने तो अपनी गर्दन तक मां के सामने काट ली थी. ऐसे न जाने कितने बड़े चमत्कारों का यह मंदिर गवाह रहा है. मंदिर से जुड़े लेखक अमन ने बताया कि वह मंदिर से कुछ ही दूरी पर रहते हैं. उनका रोजाना इस मंदिर में आना-जाना लगा रहता है. मां की मूर्ति दिव्य शक्तियों से परिपूर्ण है. 

मंदिर में रोजाना भंडारे का आयोजन होता है, जिसमें हजारों की संख्या में लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं. वैसे तो यहां पर जुबान काटने की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं, लेकिन कुछ दिनों पहले मंदिर परिसर में एक भक्त ने अपनी गर्दन को ब्लेड से काट लिया था.

मंदिर के अंदर भक्त ने काट ली थी गर्दन

श्रद्धालुओं ने मंदिर में खून से लथपथ युवक को पड़ा देखा तो घटना की सूचना कोतवाली देहात पुलिस को दी. 

पुलिस ने युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया. अब वह युवक स्वस्थ है और अभी भी मंदिर कभी-कभी आता हुआ दिखाई पड़ता है. उसने बताया था कि मन्नत पूरी होने पर उसने ऐसा किया था.

इन्हीं घटनाओं को देखते हुए अब मंदिर के अंदर और बाहर दोनों जगह पर सादी वर्दी और वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं, जिसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.

राजनेताओं का भी लगता है जमावड़ा

यह मंदिर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से करीब 112 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. मंदिर में मुंडन देवाई और अन्य संस्कार होते रहते हैं. मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तों का आना जाना लगा रहता है. 

नैमिषारण्य से आने वाले श्रद्धालु भी मंदिर में दर्शन करना नहीं भूलते हैं. मंदिर से जुड़े हुए पुजारी कल्लू ने बताया कि यहां मंदिर प्राचीन काल का है. मूर्ति अति प्राचीन होने के साथ-साथ अपने दैवी चमत्कारों के लिए जानी जाती है. समय-समय पर यह मूर्ति लोगों को अपने होने का आभास दिलाती रहती है. महिलाएं, लड़कियां, छात्र, राजनेता, और साथ ही दंपति मंदिर में माथा टेककर मां से अरदास लगाते हुए दिखाई देते रहते हैं.

मां को भक्त चढ़ाते हैं बीरा बताशा का प्रसाद

ऐसे ही एक भक्त अतुल ने बताया कि माता बिगड़ी बनाने वाली हैं. उन्होंने यहां पर आकर नौकरी मांगी थी. उन्हें नौकरी मिल गई और अब वह एक खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं. 

यहां पर ज्यादातर लोग शादी, संतान, दांपत्य जीवन में सुख की प्राप्ति के लिए माता से अरदास लगाते हुए दिखाई पड़ते हैं. मंदिर में कलावा बांधकर मां से मन्नत मांगी जाती है और फिर मन्नत पूरी होने पर कलावा खोलकर मां का प्रसाद बीरा बताशा चढ़ाकर उनका आभार सिर झुका कर व्यक्त किया जाता है. यह मंदिर प्राचीन होने के साथ-साथ अपने चमत्कारों के लिए जाना जाता है.