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वाराणसी में आवासीय जमीन रजिस्ट्री पर बना गली-गली होटल कमाई के लिए सुरक्षा और अन्य इंतजामों की अनदेखी प्रशासन धृतराष्ट्र बना रहा

वाराणसी में आवासीय जमीन रजिस्ट्री पर बना गली-गली होटल कमाई के लिए सुरक्षा और अन्य इंतजामों की अनदेखी प्रशासन धृतराष्ट्र बना रहा


एजेंसी डेस्क
वाराणसी : काशी की हर गली होटल कारोबार से आबाद है। नई बस्तियां भी इससे अछूती नहीं। बहुतायत ने आवासीय जमीन पर होटल खड़ाकर कर लाखों की कमाई कर रहे हैं।इतना ही नहीं बेसमेंट को शादीघर पार्टी हाल में तब्दील कर सड़क को वहां स्टैंड बना दिया है


यह सब प्रशासन व वीडीए  की जानकारी में है। सामान्य लोग एक छोटा सा आवास बनाते हैं तो वीडीए के नुमाइंदे तमाम सवाल कर निर्माण रोक देते हैं। लेकिन पूंजीपतियों का बिल्डिंग पर्दे की आड़ में तानने की छूट देते हैं। रात भर चक्रमण का दावा करने वाली पुलिस को रोड पर खड़ी गाड़ियां नहीं दिखती है। लेकिन सार्वजनिक जमीन में बिना आवास वाले गरीब झोपड़ी डालकर रहता है तो बुल्डोजर से गिरवा देते हैं।




शहर की घनी बस्तियों गोदौलिया, दशाश्‍वमेध, अस्‍सी, सोनारपुरा, पांडेय हवेली, रामापुरा, लक्‍सा रथयात्रा, चौक, बेनियाबाग, नब्बे फीसद गंगा घाट पर, अस्सी, लंका, पहडि़या, सारनाथ समेत दर्जनों इलाके में सैकड़ों होटल , रेस्टोरेंट चल रहे हैं।


 सराय अधिनियम में न इनका नाम दर्ज है न ही पंजीकरण हुआ है। प्रशासन के पास भी आधी अधूरी लिस्ट है। ऐसा नहीं कि इसकी कभी जांच नहीं हुई। जांच अनगिनत बार हुआ है पर किसी पर कोई आंच नहीं आई। नोटिस व एनओसी तक ही प्रक्रिया सीमित रह गई।


अवैध होटल कारोबार पर अंकुश लगा पाना आसन नहीं। जांच मुकम्मल न होने के पीछे कई कारण है। सबसे मुख्य वजह नक्शे कैसे पास हुए। इस सवाल का जवाब वीडीए के पास है लेकिन वह कभी जवाब नहीं देगा, अगर नक्शा पास नहीं तो निर्माण कैसे हुआ। कोई जवाब नहीं। बेसमेंट क्यों नही बना, बेसमेंट का उपयोग क्यों नहीं, इसका जवाब भी वीडीए के पास नहीं है।


रोड पर गाड़िया क्यों खड़ी हो रही हैं, पुलिस- प्रशासन कोई जवाब नहीं देगा। अग्निशमन विभाग से एनओसी के बाद भी घटना से बचाव के मुकम्मल नियम अनुपालन की व्यवस्था न होना, कोई जवाब नहीं । एक अवैध होटल संचालन में जब इतने विभागों की जवाबदेही है तो कैसे हो पाएगी कार्रवाई। औपचारिकताओं के निर्वहन से ज्यादा कुछ भी खास होने की उम्मीद जनता को नहीं दिख रही है।