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झारखंड : गर्मी आते ही चिड़ियाघर में पानी से मस्ती करने लगे जानवर।

झारखंड : गर्मी आते ही चिड़ियाघर में पानी से मस्ती करने लगे जानवर।


झारखंड। मार्च माह में पड़ रही प्रचंड गर्मी में ओरमांझी के बिरसा जैविक उद्यान में पशु-पक्षियों को की सुविधा बढ़ा दी गई है। वहीं, भोजन में कुछ परिर्वतन किया गया है। उद्यान प्रशासन ने हाथियों के केज में एक बड़ा टब बनवा दिया है। टब के भरे पानी में उद्यान की हाथी लखी रानी व जूनियर सम्राट अटखेलिया कर मस्ती कर रहे हैं। 

वहीं, बाघ व बाघिन, भालू, साहिल के बाहर के केज में पुआल, जूट बोरा देकर छांव बना दिया गया है। अंदर के केज में कूलर से ठंडक ले रहे हैं। इसके अलावा दिन में भी ठंडक के लिए केज में नमी रखी जा रही है। पीने के लिए पानी की कमी न हो इसके लिए केज के टब में पानी भर दिया गया है। 

वहीं यह जानकरी देते हुए जैविक उद्यान के पशु चिकितसक डा. ओपी साहू ने बताया गया कि उद्यान कर्मियों को उद्यान के सभी पशु-पक्षियों पर विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। किसी भी जानवर के व्यवहार में परिर्वन देखते ही सूचना देने के लिए कहा गया है।

वहीं गर्मी को देखते हुए उद्यान प्रशासन द्वारा जैविक उद्यान के शाकाहारी पशुओं के भोजन भी विशेष परिर्वतन किया गया है। शाकाहारी पशुओं को भोजन में मौसमी भोजन खीरा, ककड़ी व तरबूज भी दिए जा रहे हैं। इसके अला डी-हाइड्रेशन से बचाने के लिए पेयजल में ग्लूकोज मिला कर दिया जा रहा है। वहीं, मासाहारी पशुओं को ठंड के मौसम के तुलना में भोजन थोड़ा कम कर दिया गया है। इसके अलावा जैविक उद्यान के पक्षियों को भी पेयजल के साथ बी काम्लेक्स के घोल दिए जा रहे हैं।

वहीं दूसरी तरफ़ उद्यान प्रशासन द्वारा बिरसा जैविक उद्यान में काफी समय से जेब्रा व जिराफ लाने का प्रयास किया जा रहा है। पर, तकनीकी समस्या आने के कारण सफलता नहीं मिली है। जिराफ कब लाया जाएगा इस पर फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता। लेकिन, जेब्रा को जल्द लाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए उद्यान में जेब्रा केज भी बन गया है।

वहीं धूप वाली जगह पर जानवर को नहीं बैठने दे। वहीं जानवरों व पक्षियों को पानी लगातार देते रहें। वहीं जानवरों को अति गरिष्ठ खाना ना दें।