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पंजाब में भी आया ऑक्सीजन संकट! CM अमरिंदर सिंह ने केंद्र से लगाई गुहार

पंजाब में भी आया ऑक्सीजन संकट! CM अमरिंदर सिंह ने केंद्र से लगाई गुहार

चंडीगढ़. देश के अन्य राज्यों की तरह पंजाब भी कोरोना वायरस के बुरे दौर का सामना कर रहा है. यहां भी मेडिकल ऑक्सीजन की किल्लत की खबर सामने आई है. राज्य में ऑक्सीजन की मांग काफी ज्यादा बढ़ गई है. राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी केंद्र से गुहार लगा चुके हैं. इस बात की जानकारी राज्य के मंत्री ओपी सोनी ने दी है. खास बात है कि पंजाब के पड़ोसी राज्य हरियाणा ने किसी अन्य राज्य को ऑक्सीजन देने से मना कर दिया है. हरियाणा सरकार का कहना है कि वे पहले अपने राज्य के अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई को सुनिश्चित करना चाहते हैं.

बीते साल आई महामारी से पहले पंजाब में ऑक्सीजन की मांग 15-20 मीट्रिक टन थी. यह आंकड़ा बढ़कर 105 से 110 मीट्रिक टन पर पहुंच गया है. सरकार को यह डर सता रहा है कि राज्य में मामलों के बढ़ने के साथ ही ऑक्सीजन की खपत भी प्रतिदिन 150-170 मीट्रिक टन पर पहुंच सकती है. राज्य ने पहले ही इंडस्ट्री को सप्लाई होने वाली 50 प्रतिशत वैक्सीन को अस्पतालों की ओर बढ़ा दिया है. ऐसे में हरियाणा के इनकार ने पंजाब की चिंताएं और बढ़ा दी हैं.


पंजाब में कोई भी लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट नहीं है. ऐसे में राज्य को हिमाचल समेत अन्य राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता है. ये यूनिट्स राज्य को 90 मीट्रिक टन सप्लाई करती हैं, लेकिन हरियाणा के इनकार के बाद पंजाब को उद्योगों की सप्लाई को अस्पताल की तरफ बढ़ाना पड़ा है. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री सोनी ने जानकारी दी है कि राज्य में पटियाला, अमृतसर और फरीदकोट तीन मेडिकल कॉलेज में 65 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का इस्तेमाल रोज हो रहा है.

उन्होंने कहा कि जानकारों के अनुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में हालात और भी ज्यादा खराब होने वाले हैं. उन्होंने कहा 'हम हालात पर 24x7 काम कर रहे हैं. सीएम हालात पर खुद व्यक्तिगत तौर पर नजर बनाए हुए हैं इसलिए हमें दिल्ली का रास्ता नहीं अपनाना होगा.' किसी अन्य राज्य पर निर्भरता को कम करने के लिए राज्य ने आइनॉक्स कंपनी को राजपुरा में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की मंजूरी दी है. यह प्लांट राज्य को 30 मीट्रिक टन ऑक्सीजन देगा.